बालभवन जबलपुर की हर प्रस्तुति शानदार रही : मध्यप्रदेश स्थापना दिवस

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 समाचार स्रोत : पी आर ओ जबलपुर
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मध्यप्रदेश स्थापना दिवस की शाम संस्कारधानीवासी अविस्मरणीय सांस्कृतिक संध्या के साक्षी बने। एक के बाद एक शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों को जैसे मंत्रमुग्ध कर दिया। विभिन्न प्रस्तुतियोंमें स्कूली छात्र-छात्राओं ने अपने कला कौशल से लोगों को अभिभूत कर दिया।
मानस भवन में मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शहर की विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के बच्चों ने पूरे उत्साह से अपनी कला का प्रदर्शन किया और मौजूद लोगों पर गहरी छाप छोड़ी । नवज्योति नशामुक्ति केंद्र अवधपुरी की प्रस्तुति में शराब और अन्य नशों केदुष्परिणामों को बड़ी खूबी से चित्रित किया गया और सभी प्रकार के नशों से दूर रहने की नसीहत दी गई ।
एम.डी. बंगाली कन्या शाला की नन्हीं छात्राओं ने सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया। वंशिका पांडे के एकल नृत्य“गणपति वंदना” को भी सराहना मिली।
                श्रीम् कत्थक पीठ की छात्राओं द्वारा दी गई प्रस्तुति शिव ताण्डव में शिव के विभिन्न रूपों कानृत्य के माध्यम  से चित्रण किया गया था ।  एक बेहतरीन प्रस्तुति के रूप में इसे काफी सराहना मिली और प्रस्तुति के दौरान भी दर्शकों ने करतल ध्वनि से बच्चों का उत्साह बढ़ाया । सेंट एलायशियस स्कूल कीछात्राओं ने घूमर नृत्य प्रस्तुत किया । इसमें छात्राओं ने अपने सिर पर घघरी रखी हुई थी, जिसमें अग्निप्रज्ज्वलित थी। नृत्य के दौरान छात्राओं ने नृत्य की गति मंद और तीव्र करते हुए गजब का संतुलनदिखाया। यह संभवत: कार्यक्रम की सर्वाधिक प्रशंसित प्रस्तुति थी जिसे दर्शकों की ओर से जोरदार तालियोंका प्रतिसाद मिला। नेत्रहीन कन्या विद्यालय की छात्राओं ने दिलचस्प कव्वाली पेश की ।
अपर कलेक्टर जबलपुर  श्री छोटेसिंह बाल-भवन के बच्चों की प्रस्तुतियों से प्रभावित होकर प्रभारी अधिकारी,  बालभवन गिरीश बिल्लोरे को बाल भवन के सुदृढ़ीकरण, एवम सभी मुद्दों पर भरपूर सहयोग करने की इच्छा जताई.समारोह में जिला शिक्षा समन्वयक श्री पाठक, जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी श्री अखिलेश मिश्र की उपस्थिति उल्लेखनीय रही है.  

अपर कलेक्टर जबलपुर  श्री छोटेसिंह
सरस्वती वंदना 
 बाल भवन जबलपुर के बच्चों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की । बाल भवन कीछात्राओं ने अपनी प्रस्तुति “अगले जनम मोहे बिटिया ही कीजो” के माध्यम से माता-पिता के लिए बेटी की भावनाओं को कामयाबी से प्रकट किया । बालभवन की नन्हीं नृत्यांगनाओं ने अपने नृत्य-कौशल से दर्शकों को चकित करदिया । पूरी प्रस्तुति के दौरान नृत्य की ताल के साथ दर्शकों की तालियां भी बजती रहीं।
म.प्र. स्थापना दिवस दिनांक 01 नवम्बर 2014
 के अवसर पर बाल भवन की प्रस्तुतियां
1.   सरस्वती वन्दना –  स्वर:- श्रेया ठाकुर, प्रिया सौंधिया , आयुष रजक, नयन सोनी, अब्दुल अंसारी , संगीत रचना :- सुश्री क्षिप्रा सुल्लेरे , तबला :  श्री सोमनाथ सोनी, कु. अंजली लोधी   
1.   नेत्रहीन बालिकाओ द्वारा समूहगीत:-  अबके जनम मोहे बिटिया ही कीजो  / स्वर :- भावना विश्वकर्मा, अंजली विश्वकर्मा, मोना दास, गुणित मंजारेवार, नीलम चौधरी, कीर्ती चौधरी,

2.   समूह-नृत्य :- इस समूह नृत्य  की रचना सत्यमेव जयते के गीत “मुझे क्या बेचेगा रुपैया ” पर श्री इंद्र पांडे श्री वीरेन्द्र सिद्धराव द्वारा कोरियोग्राफ किया गया. जिसे बाल कलाकार भूमि सुहाने, स्मृति सराफ, परिधि जैन, आस्था अग्रहरी, समृद्धि असाठी, शिफाली सुहाने, प्रियंका सोनी, संचिता श्रीवास्तव, नम्रता राव, ने प्रस्तुत किया .   
सफ़लता पूर्वक प्रस्तुतियां होने के बाद
बाल भवन एवम जि. स. अधि. कार्यालय
का कार्यदल 
                लक्ष्मीनारायण यादव विद्यालय के छात्रों ने मस्ती भरा छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य प्रस्तुत कियाजिसे सराहना मिली। होम साइंस कालेजकी छात्राओं द्वारा होली गीत पर सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया गया। चौधरी मदर केयर की छात्राओं ने समूह-नृत्य लावणी पेश किया। एम.एल.बी. स्कूल की छात्राओं ने कालिदास रचित संस्कृत नाटिका पर श्रेष्ठ नृत्यप्रस्तुति दी। कुमारी सुहासिनी व सिमरन के एकल नृत्यों ने भी दर्शकों का ध्यान खींचा। खालसा स्कूल केछात्रों ने लोकनृत्य ढिमरयाई प्रस्तुत किया। आर.एस. बेला सिंह स्कूल की बालिकाओं ने बेहतरीन नृत्यप्रस्तुति दी। इसी प्रकार एल.एन. यादव विद्यालय के बच्चों ने अहीर नृत्य के प्रस्तुतीकरण के दौरान कठिनतम आकृतियों का निर्माण कर दर्शकों को चकित कर दिया। नृत्य प्रस्तुतियों के अलावा रामकृष्णमिशन, चौधरी मदर केयर तथा अन्य शिक्षण संस्थाओं के बच्चों ने भी नाट¬ प्रस्तुतियों के माध्यम सेसमाज की विभिन्न विरूपताओं को चित्रित करने में सफलता हासिल की।

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