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मुख्यमंत्री निवास पर लाडो-अभियान की ब्रांड एम्बेसडर ईशिता विश्वकर्मा का गाया गीत “बापू मैं तेरी लाडो हूँ ...”

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बालविवाह रोको अभियान  लाडो के लिए संभागीय बालभवन जबलपुर द्वारा  बाल-कलाकारों के स्वरों में  निर्मित लाडो मेरी लाडो एलबम बनाया गया है. जिसका एक गीत लाडो-अभियान की ब्रांड एम्बेसडर ईशिता विश्वकर्मा का  गाया गीत “बापू मैं तेरी लाडो हूँ ...” बालभवन के पूर्व प्रशिक्षु शुभम जैन ने लिखा. एलबम की संगीत  रचना सुश्री शिप्रा सुल्लेरे की रही.       मध्य-प्रदेश शासन महिला सशक्तिकरण संचालनालय के बाल विवाह रोकथाम लाडो अभियान की एम्बेस्डर , बाल-गायिका बाल-भवन जबलपुर से संगीत सीख रहीं हैं . तथा इनका गाया एलबम लाडो मेरी लाडो का लोकार्पण श्री शिवराज सिंह ने जून 2015 में किया  ईशिता के साथ हम बेहद खुश हैं बाएँ श्रीमती मीना सोनी, कला-प्रशिक्षिका श्रीमती रेणु पांडे, तबला-शिक्षक श्री सोमनाथ  सोनी नृत्य-गुरु श्री इंद्र पाण्डेय, गीतकार शुभम जैन "गुलज़ार" , संगीतकार  सुश्री शिप्रा सुल्लेरे  भोपाल में आयोजित शास्त्रीय-संगीत के लिए CCRT छात्र-वृत्ति परीक्षा में प्रदेश से एकमात्र चयनित   इशिता है  ।  ईशिता ने भोपाल में आयोजित बाल-श्री चय

“Z TV की संगीत स्पर्धा में लाडो ईशिता प्रथम रनरअप ”

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मध्य-प्रदेश शासन महिला सशक्तिकरण संचालनालय के बाल विवाह रोकथाम लाडो अभियान की एम्बेस्डर , बाल-गायिका बाल-भवन जबलपुर से संगीत सीख रहीं हैं . तथा इनका गाया एलबम लाडो मेरी लाडो का लोकार्पण श्री शिवराज सिंह ने जून 2015 में किया  भोपाल में आयोजित शास्त्रीय-संगीत के लिए CCRT छात्र-वृत्ति परीक्षा में प्रदेश से एकमात्र चयनित   इशिता है  ।  ईशिता ने भोपाल में आयोजित बाल-श्री चयन शिविर में भी बेहद उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है । वे जबलपुर से राष्ट्रीय बालश्री अलंकरण 2015 के लिए नामांकित हैं . आठवीं की छात्रा  ईशिता 4 साल की उम्र से संगीत सीख रही है . संगीत में फोर्थ इयर हैं संगीत की प्रारम्भिक शिक्षा घर से तथा  बाल भवन में शिप्रा सुल्लेरे से प्राप्त की है तब वे 4 वर्ष की थीं . तथा वे श्री प्रकाश विरुलाकर जी से भी संगीत की शिक्षा ले रहीं है. माँ श्रीमती तेजल एवं पिता श्री अंजनी विश्वकर्मा स्वयं संगीत के ज्ञाता एवं गायक हैं . दिनांक 28  नवम्बर 2015  को भोपाल में आयोजित Z TV की संगीत स्पर्धा में लाडो ईशिता प्रथम रनरअप रहीं . दिनांक 29  नवम्बर 2015 मुख्यमंत्री जी के निवास पर मुख्यमंत्र

बालभवन जबलपुर के लिए उपलब्धियों से भरा 2015

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       दिल्ली बाल भवन में लोकगीत – ढिमराई की प्रस्तुति    बालभवन जबलपुर के बच्चे  इन दिनों जो उंचाई छोने की कोशिश कर रहे हैं बेशक न केवल हमारे लिए बल्कि सम्पूर्ण महिला सशक्तिकरण, एवं सभी विभागीय अधिकारियों के लिए  एक सुखद एहसास है .   बालभवन   जबलपुर में संचालित गतिविधियों को लेकर आयुक्त महिला सशक्तिकरण श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव एवं भोपाल जवाहर बाल भवन की संचालक श्रीमती तृप्ति मिश्रा , सहायक संचालक श्री एम एस पवार कई अवसरों पर मुक्त-कंठ सराहना कर चुके हैं . इतना ही नहीं सहयोगी श्री आर सी मिश्रा का कहना है- " बालभवन संस्कारधानी का प्रतिनिधित्व सही मायनों में कर रहा है . "         संभागीय उपसंचालक श्रीमति मनीषा लुम्बा को अटूट भरोसा होता है वे अक्सर नये प्रयोगों के लिए प्रेरित करतीं हैं साथ ही अक्सर बच्चों के साथ अपना समय भी बितातीं हैं .                                     दिल्ली बाल भवन में छाए बाल भवन के बच्चे                                राई-लोकनृत्य का अवलोकन करते हुए मान. स्मृति इरानी जी स्काई-ब्ल्यू साडी में   दिल्ली में  राई-नृत्य लेकर गए बच्चों को

“ईशिता सी सी आर टी स्कारशिप के लिए चयनित”

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      लाडो अभियान की एम्बेस्डर , बाल-गायिका बाल-भवन जबलपुर  को भोपाल में आयोजित शास्त्रीय-संगीत के लिए छात्र-वृत्ति परीक्षा में जबलपुर में  स्थान अर्जित किया है , साथ ही उनका चयन इस छात्रवृत्ति के लिए किया गया है  । ईशिता ने भोपाल में आयोजित बाल-श्री चयन शिविर में भी बेहद उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है ।               लाडो अभियान एम्बेस्डर उपलब्धियों पर संभागीय उप संचालक श्रीमती मनीषा लुम्बा ने ईशिता विश्वकर्मा को बधाई देते हुए बालभवन जबलपुर की सक्रियता की सराहना की । -------------------------------------------------------- दिल्ली में आयोजित  राष्ट्रीय बाल असेंबली 14   नवंबर से   20   नवंबर   2015  तक समाचार पत्रों में  _________________________________ The Hitvad 16 नवम्बर 15 ________________________________________________________________        पीपुल्स समाचार 16 नवम्बर 15 _________________________________________ राजएक्सप्रेस  16  नवम्बर  15                           ____________________________________________________

“नई-दिल्ली में छाई : बुन्देली-राई”

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नई दिल्ली के बाल भवन में राष्ट्रीय बाल असेंबली के दूसरे दिन विभिन्न प्रदेशों के लोकनृत्यों की प्रस्तुति का दिन था . जिसमें हर प्रदेश से आए बच्चों ने अपने अपने प्रदेश के प्रतिनिधि लोकनृत्यों की प्रस्तुति दी गई . उक्त प्रस्तुतियों में जबलपुर बालभवन ने श्री इंद्र पाण्डेय के निर्देशन में बुंदेलखंड के लोकप्रिय राई नृत्य का प्रदर्शन किया . अपनी तीव्र ताललय के कारण इस नृत्य को बेहद प्रशंसनीय बताते हुए बालभवन के जबलपुर के प्रयासों की सफल बताया   नयन सोनी ,   आयुष रजक हर्ष सौंधिया के स्वरों को संगीत से संवारा मनु कौशल ,   अमन बेन ,   राघव ने जबकि प्रभावी नृत्य की प्रस्तुति समृध्दि असाटी , शैफाली सुहाने   ,   मिनी दयाल ,     आस्था अग्रहरी एवं मनु कौशल ने दी . (स्रोत :-  दिल्ली से सुश्री शिप्रा सुल्लेरे एवं श्री देवेन्द्र यादव )

बाल भवन जबलपुर की कुमारी मनु कौशल ने किया श्रीमती स्मृति इरानी के साथ दीप प्रज्जवल

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केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्रीमती स्मृति इरानी के                   साथ दीप प्रज्जवल में सम्मिलित बाल भवन जबलपुर   की कुमारी मनु कौशल      केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी ने आज नई दिल्ली के बाल भवन में राष्ट्रीय बाल असेंबली का उदघाटन  करते हुए कहा कि बच्चे हमारी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षक है । श्रीमती ईरानी ने घोषणा कि अगले वर्ष 26 जनवरी को भारतीय सैनिकों के लिए सीमा दर्शन नामक एक कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा। श्रीमती ईरानी ने बाल भवन के अधिकारियों से पुरस्कार प्राप्त कलाकारों के लिए सीमा दर्शन की व्यवस्था करने की अपील की , जहां वे सैनिकों और रक्षाबलों के प्रदर्शन को देख सकेंगे । उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा 15 अगस्त , 2014 को की गयी घोषणा के एक वर्ष के भीतर की अवधि में विद्यालयों में छात्रों और छात्राओं के लिए पृथक प्रसाधनों का निर्माण के 100 प्रतिशत लक्ष्य को पूरा करने के लिए सभी सरकारी विद्यालयों , विद्यालय शिक्षकों और हितधारकों के द्वारा किए गए समन्वित प्रयासों की भी सराहना की। मंत्री महोदया ने यह भी घोषणा कि इस

राष्ट्रीय बाल भवन दिल्ली हेतु 14 नवंबर से 20 नवंबर तक बाल भवन जबलपुर के कलाकार आमंत्रित

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बालभवन जबलपुर जबलपुर, 10 नवम्बर 2015 प्रति वर्ष की तरह राष्ट्रीय बाल भवन “ मेरा गांव मेरा गौरव ” विषय पर दिनांक  14 नवंबर से 20 नवंबर 2015 तक सप्ताह भर का   बाल असेम्बली पर एकता शिविर कार्यक्रम का आयोजन करने जा रहा है । इस कार्यक्रम मेरा गांव मेरा गौरव के उददे्श्य को ध्यान में रखते हुए संभागीय बाल भवन जबलपुर गांव तथा संस्कृति को सृजनात्मक रूप से दर्शाने  म 0 प्र 0 की लोककला , लोकसंस्कृति को ,, राई लोकनृत्य व लोकगीत की  प्रस्तुति को  राष्टृीय बाल भवन नई दिल्ली में प्रस्तुत करेगें। उक्त लोक नृत्य व लोकगीत म 0 प्र 0 के बुन्देलखण्ड क्षेत्र की लोकसंस्कृति पर आधारित है ।         संभागीय बाल भवन  जबलपुर के संचालक के अनुसार  उपसंचालक श्रीमति मनीषा लुम्बा के मार्गदर्शन व दिशा निर्देशन में  10 बाल कलाकारों  का दल 12 नवंबर को  नई दिल्ली राष्ट्रीय बाल भवन के लिए रवाना होगें जिसका नेतृत्व सुश्री शिप्रा सुल्लेरे एवं श्री देवेन्द्र यादव करेंगें ।         बुन्देली  राई लोकनृत्य व बुन्देली लोकगीत-ढिमरयाई का निर्देशन - इन्द्र पांडे , संगीत  संयोजन -सुश्री शिप्रा सुल्लेरे (संगीत अनुदेश

शिवमंगल सिंह सुमन की कविताएँ गूंजी बाल भवन में

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संभागीय बालभवन जबलपुर में  स्वर्गीय श्री  शिवमंगल सिंह सुमन जन्म शताब्दी के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों के क्रम में दिनांक 7 नवंबर 2015 को स्वर्गीय श्री  शिवमंगल सिंह “सुमन” की कविताओं का पठन किया । जिसमें बाल भवन सहित 08 विद्यालयों के छात्र-छात्राओं न भाग लिया । जिसमें प्रथम स्थान पर कुमारी शुभांगी यादव , द्वितीय कु॰ दीपाली ठाकुर , एवं मास्टर शरणजीत कौर , तथा तृतीय स्थान पर मास्टर गगन दीप सिंह , एवं मास्टर एजाज रहे ।  इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री मोहन “शशि”  ने कहा कि – “हिन्दी-साहित्यिक गतिविधियों”  के सतत आयोजनों से बच्चो में साहित्य के प्रति सकारात्मक रुझान को प्रश्रय  मिलता है । कार्यक्रम का  प्रारम्भ अतिथियों द्वारा सरस्वती पूजन एवम अतिथि-सत्कार के साथ हुआ । श्रीमती साधना उपाध्याय ने  त्रिवेणी-परिषद की ओर से कार्यक्रम की उपादेयता एवं महत्व पर प्रकाश डाला । साहित्यकार एवं संचालक बाल भवन गिरीश बिल्लोरे ने बच्चों के सम्पूर्ण विकास में सांस्कृतिक एवं साहित्यिक  गतिविधियों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सकारात्मक वातावरण निर्माण के प्रयासों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया