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बच्चों के भविष्य के लिए कम्युनिकेशन स्किल अत्यंत आवश्यक है : आशुतोष द्विवेदी, रंगमंच एवं फ़िल्म कलाकार, संवाद लेखक एवं सचिव विवेचना रंगमंडल

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  इन दिनों संभागीय बाल विभिन्न शॉर्ट टर्म कोर्स संचालित कर रहा है मई और जून माह में संचालित होने वाले शॉर्ट टर्म कोर्सेज में कम्युनिकेशन स्किल एंकरिंग कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए मानसेवी प्रमुख प्रशिक्षक श्री आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि-" बाल भवन द्वारा उन कार्यों को किया जा रहा है जो बच्चों में जीवन उपयोगी विषयों पर केंद्रित है। उनमें से एक है विचार संप्रेषण। [  ] एंकरिंग साक्षात्कार संवाद संप्रेषण साहित्यिक सांस्कृतिक सामाजिक धार्मिक शासकीय अथवा संस्थागत कार्यक्रमों के संचालन की जानकारी हुई इस कार्यशाला में दी जावेगी। [  ] इस कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों इस तथ्य की जानकारी देना है कि कोई भी विधा कैसे रोजगार उन्मुख हो सकती है [  ] समाचार वाचन रेडियो जॉकी टेलीविजन इंटरव्यू सोशल मीडिया इंटरव्यू जैसे हुनर रोजगार उन्मुख हो सकते हैं। [  ] वर्तमान में तकनीकी का उपयोग किया जा रहा है किंतु तकनीकों में मानवीय मौलिक कला की समावेशण बहुत आवश्यक है इस तथ्य से भी इस कार्यशाला में बच्चों को परिचित कराया जाएगा। [  ] किसी भी कार्यक्रम के संचा

लाडली उत्सव पर होंगी प्रतियोगिताएं

प्रतियोगिता विवरण नि:बंध प्रतियोगिता :-  आयु-वर्ग:- 10 वर्ष से 16 वर्ष  विषय:- मध्यप्रदेश में बालिका सशक्तिकरण : विशेष सन्दर्भ लाडली लक्ष्मी योजना  शब्द-सीमा :-  अधिकतम 500 शब्द  अंतिम तिथि :- निबंध साफ़ अक्षरों में एक ओर लिखकर या टाईप  कराकर  09 मई      2022  कार्यालय संचालक संभागीय बाल भवन(महिला बाल विकास )727/A-2 कमला नेहरू नगर अग्रवाल कॉलोनी पार्श्वनाथ जैन मंदिर के बाजू में जबलपुर में जमा करना होगा .  • चित्रकला प्रतियोगिता :- दिनांक 7 मई 2022 को बालिकाओं के लिए ”मेरी गुडिया मेरा सपना ”  संभागीय बाल भवन अग्रवाल कालोनी जबलपुर  में आयु-वर्ग:- 10 वर्ष से 16 वर्ष के लिए प्रात: 11:30 बजे से चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की जावेगी . प्रतियोगिता स्थल पर ड्राइंग शीट विभाग द्वारा दी जाएगी, रंग/दफ्ती प्रतिभागियों को लाना होगा.  • भाषण  प्रतियोगिता :- दिनांक 7 मई 2022 को बालिकाओं के लिए संभागीय बाल भवन अग्रवाल कालोनी जबलपुर  में आयु-वर्ग:- 10 वर्ष से 16 वर्ष के लिए अपरान्ह  2:00 बजे से “बेटी है तो कल है” विषय पर भाषण  प्रतियोगिता आयोजित की जावेगी . • वाद-विवाद  प्रतियोगिता :- दिनांक 7 मई 2022 को

1 मई से बाल भवन में प्रारंभ होंगे विशेष शिविर : गर्मी को देखते हुए बदला समय

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  1 मई से बाल भवन में प्रारंभ होंगे विशेष शिविर : गर्मी को देखते हुए बदला समय   1 मई 2022 से 30 जून 2022 तक संभागीय बाल भवन प्रशिक्षण व्यवस्था में परिवर्तन करते हुए बच्चों के प्रशिक्षण के लिए प्रातः 8:30 से कक्षाएं लगाई जाएंगी। यह कक्षाएं ग्रीष्मकालीन शिविर के रूप में संचालित की जाएंगी। संचालक संभागीय बाल भवन ने बताया कि इस अवधि में श्री अभिषेक नागराज एवं उनकी टीम द्वारा स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ के मद्देनजर राष्ट्रीय एवं भावात्मक गीतों पर केंद्रित कार्यशाला में 10 गीत तैयार कराई जाएंगी तथा उनका प्रस्तुतीकरण भी कराया जावेगा। साथ ही धीर पाकुरिया के मार्गदर्शन में अभिनय समसामयिक नृत्य प्रशिक्षण कार्यक्रम भी सुनिश्चित कर लिया गया है। इसके अलावा श्रीमती सीमा चौरसिया के मार्गदर्शन में रोजगार उन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रम भी दिया जावेगा। साहित्य संवाद तथा संप्रेषण आदि विषयों पर भी विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे।    संचालक द्वारा बताया गया कि शॉर्ट टर्म एवं मासिक प्रशिक्षण शिविर हेतु पंजीयन 19 अप्रैल से प्रारंभ कर दिया गया है। शिविर में सम्मिलित होने के लिए किसी भी तरह का शुल्क नहीं लगेगा। के

1 मई 2022 से बाल भवन में प्रारंभ होंगे विशेष शिविर : गर्मी को देखते हुए बदला समय

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 इशिता ने बाल भवन के बच्चों को ऑटोग्राफ दिए   1 मई 2022 से 30 जून 2022 तक संभागीय बाल भवन प्रशिक्षण व्यवस्था में परिवर्तन करते हुए बच्चों के प्रशिक्षण के लिए प्रातः 8:30 से कक्षाएं लगाई जाएंगी। यह कक्षाएं ग्रीष्मकालीन शिविर के रूप में संचालित की जाएंगी। संचालक संभागीय बाल भवन ने बताया कि इस अवधि में श्री अभिषेक नागराज एवं उनकी टीम द्वारा स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ के मद्देनजर राष्ट्रीय एवं भावात्मक गीतों पर केंद्रित कार्यशाला में 10 गीत तैयार कराई जाएंगी तथा उनका प्रस्तुतीकरण भी कराया जावेगा। साथ ही धीर पाकुरिया के मार्गदर्शन में अभिनय समसामयिक नृत्य प्रशिक्षण कार्यक्रम भी सुनिश्चित कर लिया गया है। इसके अलावा श्रीमती सीमा चौरसिया के मार्गदर्शन में रोजगार उन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रम भी दिया जावेगा। साहित्य संवाद तथा संप्रेषण आदि विषयों पर भी विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे।    संचालक द्वारा बताया गया कि शॉर्ट टर्म एवं मासिक प्रशिक्षण शिविर हेतु पंजीयन 19 अप्रैल से प्रारंभ कर दिया गया है। शिविर में सम्मिलित होने के लिए किसी भी तरह का शुल्क नहीं लगेगा। केवल एक बार ₹60 पंजीयन

संभागीय बाल भवन जबलपुर ने किया अपनी पूर्व छात्रा का सम्मान

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    महिला बाल विकास विभाग द्वारा संचालित लाडो योजना की पूर्व ब्रांड एंबेसडर विभिन्न रियलिटी शो की विजेता संभागीय बाल भवन जबलपुर से संगीत का सफर शुरू करने वाली गायिका कुमारी इशिता विश्वकर्मा का स्वागत सम्मान संभागीय बाल भवन द्वारा किया गया। इस अवसर पर इशिता विश्वकर्मा द्वारा संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले  बाल कलाकारों से वार्ता की तथा उन्हें बताया कि संगीत साधना कोई आसान साधना नहीं है। बार-बार किए जाने वाले प्रयास ही सफलता की चाबी है। इस अवसर पर गिरीश बिल्लोरे  संचालक संभागीय बाल भवन ने बताया कि-" इशिता ने अपने प्रशिक्षण काल में राज्य शासन की योजनाओं के लिए एल्बम में कई गीत गाए हैं। इशिता हमेशा अपनी संस्था गुरु एवं अपने मार्गदर्शक के अलावा अपने साथियों के बीच सहज एवं समर्पित छात्रा के रूप में पहचानी जाती रही हैं। इशिता को मध्यप्रदेश शासन महिला बाल विकास द्वारा बाल विवाह रोकने चलाए जाने वाले लाडो अभियान के ब्रांड एंबेसडर के रूप में नियुक्त किया था। इशिता द्वारा मतदाता जागरूकता अभियान स्वच्छता अभियान एवं महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित गीतों का गायन किया गया। इस अवस

सेफ सिटी केंद्र प्रवर्तित योजना जबलपुर में क्रियान्वयन में तेजी

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आयुक्त महिला बाल विकास एवं यू एन विमेन के संयुक्त तत्वावधान में सेफ सिटी परियोजना जबलपुर में लागू कर दी गई है। इस संबंध में होटल कल्चुरी में आयोजित स्टेकहोल्डर्स का उन्नमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महिला बाल विकास विभाग संचालनालय के संयुक्त संचालक श्री सुरेश तोमर ने कहा कि-" महिलाओं बेटियों के लिए शहर को सुरक्षित बनाने के लिए यूएन वूमेन की मदद से प्रदेश में 6 जिलों का चयन किया है । जबलपुर शहर को इस परियोजना में सम्मिलित किया है। कार्यक्रम के प्रभावी बनाने के लिए सामुदायिक समन्वय एवं सहयोग की जरूरत है ताकि सामाजिक सोच के साथ संपूर्ण परिवर्तन संभव हो सके।"   संयुक्त संचालक श्रीमती शशि श्याम उईके ने कहा कि-" शहर को महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा अनुकूलित करने के लिए समन्वित एवं प्रभावी प्रयास करने के लिए अंतर विभागीय कन्वर्जेंस के साथ-साथ व्यक्तिगत रूप से प्रभावी कार्य करने की जरूरत है। कोविड-19 के उपरांत अब हम इस कार्य को और तेजी से करें इस हेतु माइक्रो प्लानिंग पूरी तरह से व्यवहारिक रूप से बनाई जाए।   इस अवसर पर जिला का

वीरांगना अवंति बाई लोधी का बलिदान : प्रो. आनंद राणा इतिहासकार,

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"प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में भारत का प्रथम बलिदान जबलपुर कमिश्नरी से वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी और वीरांगना फूलकुंवर का रहा 🙏🙏 आईये स्वतंत्रता के 75वें वर्ष के आलोक में गर्व और नमन् करें..अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के मार्गदर्शन में  भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सन् 1857 की संपूर्ण भारत में किसी भी रियासत परिवार से प्रथम महिला शहादत(20 मार्च 1858) वीरांगना क्षत्राणी..रानी अवंतीबाई लोधी की रही है..तदुपरांत महा महारथी श्रीयुत शंकरशाह की वीरांगना सहधर्मचारिणी फूलकुंवर ने भी अंग्रेजों से युद्ध करते हुए प्राणोत्सर्ग किया। (क्योंकि झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई की शहादत 18 जून 1858 को और बेगम हजरत महल 7 अप्रैल 1879 - यहाँ यह भी स्पष्ट कर दूँ कि कित्तूर रियासत (कर्नाटक) की रानी चेन्नमा पहली वीरांगना थीं जिन्होंने 1829 में शहादत दी थी, परंतु यहाँ बात प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सन् 1857 की हो रही (अवतरण दिवस 16 अगस्त सन् 1831)(कमिश्नरी जबलपुर, जिला मंडला, रियासत रामगढ़.. संस्थापक गोंड साम्राज्य के वीर सेनापति मोहन सिंह लोधी.. 681 गाँव, सीमायें अमरकंटक सुहागपुर