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मार्च, 2017 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

आर्ट डायरेक्टर श्री राज सैनी संभागीय बाल भवन में

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    मशहूर सीरियल  रामायण, सहायक आर्ट डायरेक्टर सीरियल  शिर्डी साईं बाबा, बाइबल कि कहानियां, आदि सीरियल्स के आर्ट डायरेक्टर नन्ही आँखें  एवं राजनीति  वक्त हमारा है, पनाह, कन्यादान, अंगारे आदि फिल्मों के सहायक आर्ट डायरेक्टर श्री राज सैनी संभागीय बालभवन जबलपुर के विशेष आमंत्रण पर दिनांक 27 मार्च से 31 मार्च 2017 तक बाल भवन परिसर में बालकलाकारों को 5 दिवसीय प्रशिक्षण देंगें. यह प्रशिक्षण पूर्णत: निशुल्क है. प्रशिक्षण सत्र प्रतिदिन प्रात: 11 बजे से शाम 5:00 बजे तक 4 सत्रों में  संचालित होगा जिसमें 5 से 16 वर्ष के बालक एवं 5 से 18 वर्ष की बालिकाएं भाग ले सकतीं हैं.  अनाथ एवं दिव्यांग बच्चों को एवं बालिकाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जावेगी.          जिन बच्चों को इस प्रशिक्षण का लाभ लेना है वे दिनांक 25 मार्च 17 तक अपना नाम पंजीकृत करा सकते हैं.

नन्ही चिड़िया

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← नन्हें - नन्हें पंखों से वह , उड़ती है उस आसमान में उसे घूमता-फिरता देख, बस जाती वह मेरे मन में. रोज सवेरे वह जग जाती , फिर धीरे से हमें उठाती. हर दम वह चिक-चिक करती है, लेकिन कभी ना तंग करती है . पेड़ों की डालों में रहता , है उसका इक नन्हा घर. अपने चूज़ों को वह उसमें, देती है दानें लाकर. अपने बच्चों को , सिखाती कैसे है जीना इस जग में. फिर धीरे से उन्हें सिखाती, उड़ना है उस आसमान में. जीने का अधिकार इन्हें भी फिर क्यों इन्हें भगाते हैं . उड़ जाती हैं जब आँगन से, आँगन सूने पड़ जाते हैं . यदि अलोप हो गए ये पक्षी, तो क्या अगली पीढ़ी को तुम, चित्रों से दशाॆओगे और आसमान की यह कहानी क्या इतिहास बनाओगे?             - उन्नति तिवारी

Poetry डस्टबीन...!!

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डस्टबीन हूं खाली हूं देखो भूखा हूं दो कचरा लाकर कूड़ा करकट अटपट गटपट. सब कुछ भर दो मुझमें आकर ******************** पक्का तुम मुझको भर दोगे साफ़ सफ़ाई जब कर लोगे चाट-पकौड़ी खाके चाचू- रस्ते में पत्ते फ़ैंकोगे…? डस्टबीन हूं… पास रखा हूं.. कचरा डालो मुझमें.. आकर .. डस्टबीन हूं …….. ******************** गंदी सड़क सराफ़े वाली पुरवा और गोकलपुरवाली गली गली में ढेर गंदगी – मिली सड़क न सुंदर वाली. सुंदर शहर एक दिन में होगा.. अपना हिस्सा साफ़ बनाकर डस्टबीन हूं …….. ******************** दूर बीमारी दूर गंदगी सबके मन में बात यही घर का कचरा सड़क पे न हो – शहर को दो सौगात यही . सुंदर शहर जबलपुर होगा.. खुद हम साफ़ करें जो आकर :::::::::::::::::::::::::::::::::::: ::::::::::::::::::::::::::::::::::::

“30 दिवसीय शौर्या-शक्ति प्रशिक्षण कार्यक्रम से 1200 बालिकाएं लाभान्वित हुईं ”

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संभागीय बाल भवन जबलपुर द्वारा निर्भया  दिवस  दिनांक  16 दिसंबर 2014 से प्रारम्भ  मार्शल आर्ट प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन   31  दिसंबर  2014  को बाल भवन परिसर में श्रीमती प्रज्ञारिचा श्रीवास्तव ,  आईपीएस ,  आईजी-महिला सेल , जबलपुर के मुख्यआतिथ्य में सम्पन्न हुआ था तब अपने उदबोधन में श्रीमती प्रज्ञा रिचा श्रीवास्तव ने बच्चों की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि जो बच्चों ने मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण प्राप्त किया हैं वो किसी भी स्थिति में जीवन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है  खासकर तब और आवश्यक है जब कि सामाजिक परिस्थितियाँ सामान्य नहीं हैं । किसी को भी यह अधिकार नहीं है कि किसी अन्य व्यक्ति खासकर बालिकाओं ,   बच्चों  ,  महिलाओं  ,   के विरुद्ध हिंसक हो । बच्चे देश का  भविष्य हैं हमारी कोशिशें ये होनी चाहिए कि हम खुद बेहतर तरीके से जिएं  और समूचे समाज को सुख से जीनें दें । बाल भवन के इस प्रयास से मैं बेहद उत्साहित हूँ । मेरा सुझाव है कि प्रशिक्षण निरंतर जारी रहे इस हेतु जो भी सहयोग अपेक्षित हो उसके लिए सदैव तत्पर हूँ ।   बालभवन जबलपुर ने उनकी सलाह मानते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम को