संदेश

नवंबर, 2014 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

बालभवन मेँ व्यक्तित्व विकास कार्यशाला

चित्र
       बच्चोँ मेँ प्रतिभाओँ के विकास के साथ साथ उनके व्यक्तित्व मेँ निखार लाने के उद्देश्य से सँभागीय बालभवन जबलपुर मेँ “ पँद्रह दिवसीय व्यक्तित्व विकास कार्यशाला ” आयोजित की जा रही है.  दिनाँक 25.11.14   से 10.12. 2014   तक चलने वाली इस कार्यशाला मेँ नेत्रहीन बालिकाएँ भी सम्मिलित हैँ. कार्यशाला एक्सपर्ट  सुश्री नीतू पाँडे ने बताया कि- “”व्यक्तिव विकास मेँ उन सभी बिँदुओँ को शामिल किया गया है जिससे व्यक्तित्व को आकर्षक एवम समाजोन्नमुखी बनाया जा सकता है .             दिनाँक 26.11.14 को  बालभवन पहुँचे वरिष्ठ पत्रकार एवम नवभारत जबलपुर के सँपादक श्री चैतन्य भट्ट ने व्यक्तित्व विकास कार्यशाला मेँ पहुँचकर प्रशिक्षण मेँ शामिल बच्चोँ से बातचीत की तथा व्यक्तित्व विकास को बच्चोँ के सम्पूर्ण विकास का ज़रूरी हिस्सा मानते हुए कहा कि- “शैक्षिकोत्तर गतिविधियोँ को रुचिकर एवम आवाश्यकता के अनूकूल बनाके बालभवन जबलपुर ने उत्कृष्ट प्रयोग किया है. बहुधा अनेक प्रतिभाएँ केवल इस कारण पीछे रह जातीँ हैँ क्योँकि उनका एपीरियेँस प्रभावशाली नहीँ होता अथवा वे आगे चलकर प्रभावशाली सँप्रेषणीयता मेँ सफला नहीँ ह

स्वप्न-पाखियों ने भरी उड़ान .... : मनीषा तिवारी

चित्र
प्रतिभाओँ को     पहचानना     निखारना फिर उसे विस्तार देना एक जटिल प्रक्रिया है. इस प्रक्रिया को भली प्रकार समझने के लिये धैर्य के महत्व का अनदेखा करना अनुचित है. बाल भवन मेँ इस सूत्र को आत्मसात किया है. परिणाम स्वरूप हम सीधे अपने प्रशिक्षणार्थियोँ से हम स्वयँ को सीधे व्यक्तिगत रूप से जुडे पा रहे हैँ . सेजल तपा के बाद मनीषा तिवारी एक और तबला वादिका से आज़ आपका परिचय करा रहा हूँ.  मनीषा के   घर में टेबल ( मेज ) पर थपकियां देकर गीत को ताल देतीं  किन्तु  बिना तालीम के संगीत साधना एक सपना ही होता है.अपने सपने को आकार देने मनीषा तिवारी ने 2007  बालभवन की ओर कदम बढाया । फिर शुरू हुई  मनीषा तिवारी की   प्रतिभा के निखारने की प्रक्रिया. सोमनाथ सोनी जी   [ अनुदेशक ताल-वाद्य ] के   साथ ही शिप्रा सुल्लेरे के प्रशिक्षकीय दायित्व में प्रशिक्षण आज भी जारी है ।  मनीषा का  संकल्प ये है कि वो तबला वादन में अपना नाम रोशन कर संस्कारधानी एवं माता श्रीमती सुशीला तिवारी एवं  पिता श्री जी. पी. तिवारी के यश को बढ़ाएं । मनीषा अपने बाल भवन में अपने आने से अब तक को कुछ यूं बयाँ  किया    न सुर का थ

“बालभवन-कप” व्हालीबाल टूर्नामेंट दिसंबर में

चित्र
बाल भवन कप वालीबाल टूर्नामेंट              12 से 16 वर्ष आयु वर्ग के किशोर बालकों के लिये “बालभवन-कप” व्हालीबाल टूर्नामेंट दिसंबर के अंतिम सप्ताह में बाल-भवन परिसर में प्रस्तावित है . संस्था प्रमुख अपने विद्यालय / संस्थान से ऐसे खिलाड़ियों की   टीम हेतु प्रविष्ठी भेज सकते हैं जिनकी उम्र 31.12.2014   तक न्यूनतम 12 वर्ष से कम तथा अधिकतम 16 वर्ष से अधिक न हो. संस्था प्रमुख अपनी सहमति के साथ ऐसी सूची भेजेंगे जिसमें खिलाड़ी का सम्पूर्ण व्यक्तिगत विवरण अंकित हो. स्वतंत्र खिलाड़ी एवम संस्थागत खिलाड़ियों की व्यक्तिगत जानकारी हेतु  प्रारूप निम्नानुसार  उपलब्ध है    “बालभवन-कप” व्हालीबाल टूर्नामेंट क्र. खिलाड़ी का नाम आत्मज जन्म तिथि पता फ़ोन नम्बर श्रेणी स्कूल टीम/ स्वतंत्र खिलाड़ी 1 2 3 4 5 6 7  हस्ताक्षर  संस्था प्रमुख की मुहर  नोट :- 1.   टूर्नामेंट की तिथि में बदलाव, स्थगन का अधिकार संचालक को होगा. 2.   स्

एक उजली सुबह बिटिया प्रिया की बाट जोह रही है..

चित्र
      सामान्य चर्चा में एक बार संगीत   अनुदेशिका क्षिप्रा सुल्लेरे बताया था कि   – “सामान्य मध्यम एवं निम्नआयवर्ग” वाले परिवारों के बच्चे अपनी प्रतिभा को निखारने आते हैं. इस क्रम में लगभग सोलह वर्षीय प्रिया सौंधिया की साधना  सराहनीय  है.  गढ़ाफाटक इलाके में निवासरत सौंधिया परिवार संयुक्त परिवार है. इसी  संयुक्त परिवार में रहने वाली प्रिया अपने माता पिता की द्वितीय   बेटी हैं. जो 2009  से बालभवन में आ रहीं है.  परिवार में कला का संबध मात्र श्री प्रकाशचन्द्र सौंधिया  के व्यावसायिक रूप से पेंटिंग की वज़ह से है . वे  मध्यम आय वर्ग से हैं तथा पेशे से मूर्तियों में पेंटिंग करते हैं.  माँ श्रीमती अनिता  गृहणी है. प्रिया पिता के की तरह कला के प्रति समर्पित है . परंतु  प्रिया  केवल मूर्तिकला से ही नहीं वरन चित्रकला, क्राफ्ट , गीत-संगीत, एवं नृत्य में रूचि रखतीं हैं .  किन्तु सुश्री क्षिप्रा एवं अतिथि अनुदेशक  का मानना है कि- प्रिया की आवाज लोक संगीत के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है अत: उसे हमने सलाह डी गई थी की वह लोकसंगीत सीखे. छै बरस होगे अब प्रिया सुगम, शास्त्रीय एवं लोग गीत गायन में पारंगत ह

शक्तिरूपा पेंटिंग लोकार्पित

चित्र
बालभवन जबलपुर के बाल कलाकार तान्या बड़कुल   ,   रेशम ठाकुर ,   शुभमराज अहिरवार   ,   एवं रिंकी राय   ने मध्य-प्रदेश स्थापना दिवस के पूर्व अनुदेशिका श्रीमति रेणु पांडे के मार्गदर्शन में एक पेंटिंग बनाई गई जिसमें प्रदेश की महिलाओं की स्थिति को “ शक्तिरूपा ” के रूप में प्रदर्शित किया गया है.यह पेंटिंग अवसाद एवं दबाव के दुष्चक्र से मुक्त होती प्रदेश की तस्वीर है. जो आत्मनिर्भरता के लिये शिक्षा एवं बेहतर स्वास्थ्य परिस्थितियों के चलते “ गौरवी ” का स्वरूप ले चुकी है. पेंटिंग का अनावरण बाल दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश बाल आयोग की सदस्या मान. श्रीमति रीना गुज़राल , म. प्र. सफ़ाई कर्मचारी आयोग की सदस्या मान. श्रीमति सुमित्रा बाल्मीकी , उप अतिरिक्त महाधिवक्ता श्री विजयशंकर पांडेय द्वारा किया गया .

वरिष्ट कलाकार श्री राजेंद्र कामले किलकारी में

चित्र
  दशावतार पेंटिंग में खो गये मुख्य अतिथि श्री  राजेंद्र कामले जी .. ऐनक  के पीछे वाली आंखें स्थिर थीं.. अवाक भी हुए कुछ पल फ़िर बोले बच्चे कभी अमौलिक नहीं होते  वे असली होते हैं और उनके रंग भी....... वाह क्या बात है !!   बाल दिवस बच्चों का दिन मस्ती मज़ा और एक दूसरे से भोलेपन से मिलने वाला दिन पूरे एक हफ़्ते की गई मेहनत के रिज़ल्ट वाला दिन ठीक दो बज़े शहीद स्मारक भवन में आ गए हमारे प्रथम सत्र यानी प्रदर्शनी एवम मूर्ति के अनावरणकर्ता   मुख्यअतिथि श्री राजेंद्र कामले जी. गैलरी में सजी चित्र प्रदर्शनी का प्रवेशद्वार फ़ीता काटकर खोला      दशावतार पेंटिंग में खो गये मुख्य अतिथि श्री  राजेंद्र कामले जी .. चस्मे के पीछे वाली आंखें स्थिर थीं.. अवाक भी हुए कुछ पल फ़िर बोले बच्चे कभी अमौलिक नहीं होते  वे असली होते हैं और उनके रंग भी....... वाह क्या बात है !!     चाहा नेहरू की प्रतिमा का अनावरण किया  कैप्शन जोड़ें   महान पुरुषों की चर्चा करते हुए नेहरूजी की प्रतिमा में अच्कन पर चस्पा लाल ग़ुलाब को अपलक निहारते बोले- "वाह, बच्चे ही किसी भी रंग के सटीक अनुप्रयोग को पूरी दृढ़ता से उप

स्वच्छता अभियान पर केंद्रित कार्यक्रम आंगनवाड़ी केंद्रों पर प्रारंभ

चित्र
जिला कार्यक्रम अधिकारी दमोह श्री अनिल जैन  दमोह नें किशोरी बालिकाओंं को संदेश वाहक बनाया     आयुक्त  बाल विकास सेवाएं मध्य-प्रदेश द्वारा ज़ारी निर्देशानुसार     बाल स्वच्छता कार्यक्रम 2014 के अंतर्गत जिले के समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बाल दिवस पर विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जा रहा है . इस क्रम में बाल विकास सेवा विभाग के सभी जिलों में निरंतर कार्य किया जाकर स्वच्छता अभियान पर केंद्रित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है.            डिंडोरी जिले की जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमति कल्पना तिवारी रिछारिया ने बताया कि - "जिले में स्वच्छता के परिपेक्ष्य में बच्चों के बीच किया जाने वाला कार्य अन्य जिलों की अपेक्षा ज़रा हट कर है. उनका मानना है कि डिंडोरी जिला दुरूह मार्गों आदिवासी बाहुल्य जनसंख्या के साथ साथ सबसे कम घनत्व वाली आबादी वाला है अत: हमने सबसे पहले सबसे दूर के गावों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखकर कार्ययोजना तैयार की है. जहां हम बच्चों के साथ साथ महिलाओं के बीच पहुंचकर स्वच्छता के संदेश व्यक्तिश: पहुंचाने के उद्देश्य से स्थानीय बोली भाषा में संदेश दे रहे

बालभवन जबलपुर का बाल दिवस समारोह 2014 होगा रंगबिरंगा

किलकारी                                                                                             बाल दिवस 14. नवम्बर 2014 ·            चित्रकला एवं  कला प्रदर्शनी ·           स्थान :- शहीद स्मारक परिसर ·           मुख्य अतिथि :- श्री राजेन्द्र कामले ·           अध्यक्षता      :- श्री विजय शंकर पांडे                       अतिरिक्त उपमहाधिवक्ता    ·          कार्यक्रम संचालक – कु. लक्षिता शुक्ला , कल्याणी नेमा एवं मास्टर स्वमेव सूर्यवंशी 1 अतिथि आगमन अपरान्ह 1:55 2 दीप-प्रज्जवलन, उदघाटन, एवं प्रदर्शनी अवलोकन  अपरान्ह 02:00 3 स्वागत एवं बाल भवन के बच्चों के साथ एड. विजयशंकर पाण्डे ( अति. उपमहाधिवक्ता )  श्री राजेन्द्र कामले से संवाद कम्पीयर :-  कु. लक्षिता शुक्ला , कल्याणी नेमा एवं                       मास्टर स्वमेव सूर्यवंशी अपरान्ह 02:15 से अपरान्ह 02:50 अपरान्ह 02:50 4 आभार प्रदर्शन  : श्रीमती रेनू पांडे 5 अपरान्ह 02 50 से 03 : 55 मुक्त समय