अब के नव प्रभात में भोर की उजास में ...

अब के नव प्रभात में भोर की उजास में ...
हम लगें रहें सदा शांति के प्रयास में .....!

शांति पथ वास्ते ,गीत होने चाहिए 
प्रभावयुक्त गीत को सुर का साथ चाहिए ।
गूँजते रहें ये गीत , हम हों इस प्रयास में .॥

क्रोध और कुंठा के कारणों को मत सींचो
शांति के पथिकों के पाँव आप मत खींचो
प्रेम नींव विश्व की , मत जियो कयास में ॥ 





टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

पेशावर त्रासदी पर बनाई पेंटिंग देख भावुक हुए माननीय मुख्यमंत्री

बाल नाट्य शिविर : व्यक्तित्व विकास का असाधारण टूल

Lado-Abhiyan लाडो-अभियान पर केन्द्रत कार्टून्स