बालभवन जबलपुर में व्यक्तित्व सम्प्रेषण क्षमता के विकास एवं मोटिवेशन शिविर से बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं

बच्चों के सम्पूर्ण विकास की कल्पना उसके व्यक्तित्व के विकास के बिना संभव कदापि नहीं बच्चों को आत्मसाहस का बीजारोपण करने वाले हज़ारों उदाहरण आज भी दुनिया में प्रेरक प्रसंगों में मौजूद हैं जो बच्चों में आत्मसाहस एवं विश्वास का बीजारोपण करने में सहायक साबित होंगे . तदाशय के विचार श्री पाठक जिला परियोजना समन्वयक जबलपुर ने बालभवन जबलपुर में आयोजित व्यक्तित्व विकास , विचार सम्प्रेषण एवं करियर मार्गदर्शन शिविर के उदघाटन सत्र में व्यक्त किये . कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्रीमती मनीषा लुम्बा संभागीय उप संचालक , महिला सशक्तिकरण ने कहा कि –“बच्चों को अधिक से अधिक ज्ञान प्राप्त करने के लिए अब अवसर के दरवाज़े  खुले हुए हैं, इस क्रम में  बालभवन जबलपुर की टीम ने मौजूदा  संसाधनों से जिस तरह  अधिकतम प्रयास एवं प्रयोग किये जा रहे हैं उससे बच्चों को लाभ मिल रहा है . जो सराहनीय है ”
 इस अवसर पर " लाडो-मेरी- लाडो " आडियो एलबम की संगीत निर्देशिका सुश्री शिप्रा सुल्लेरे के प्रेरक व्यक्तित्व की सराहना करते हुए कार्यक्रम अध्यक्ष श्रीमती लुम्बा ने  सुश्री सुल्लेरे को पुष्प-गुच्छ देकर सम्मानित भी किया .  
प्रशिक्षण सत्र में का संचालन डा. आस्था बिल्लोरे एवं युवा अभिप्रेरक श्री पर्व परमार द्वारा  किया जा रहा है . प्रशिक्षकों का मानना है कि निम्न ,मध्यम, आयवर्ग के परिवारों से आए इन बच्चों में न तो  प्रतिभा की कमी है नहीं आत्मविश्वास की बस वे बेहतर अवसर एवं मार्गदर्शन चाहते हैं जो बालभवन में उन्हें दिया जा रहा है .
उदघाटन सत्र में विकास खंड महिला सशक्तिकरण अधिकारी श्रीमती माया भदौरिया एवं श्रीमती अनुराधा दीवान , श्री इंद्र पाण्डेय, श्रीमती रेनू पाण्डेय , सुश्री शिप्रा सुल्लेरे , श्री देवेन्द्र यादव , की उपस्थिति उल्लेखनीय रही . कार्यक्रम का संचालन श्री पियूष खरे ने किया जबकि आभार प्रदर्शन सहायक संचालक द्वारा किया गया .

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