*बालभवन जबलपुर में नाट्य प्रशिक्षण प्रारम्भ* जबलपुर 16 अप्रैल 2018



              
बाल नाट्य-शिविर हेतु 16 अप्रैल से 15 मई 2018 तक प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से संभागीय बालभवन परिसर में प्रतिदिन दिया जावेगा. जबलपुर की प्रसिद्धि नाट्यलोक संस्था इस शिविर में विशेष सहयोग करेगी । यह संस्था बाल नाटकों के लिए कार्य कर रही है । तथा संभागीय बालभवन में 2007 से निरंतर संस्था का सहयोग जारी है । 
शिविर का संचालन बाल नाटकों के निर्देशक श्री संजय गर्ग एवं बाल-नाट्य निर्देशक कु. मनीषा तिवारी करेंगी. नाटकों में अभिनय, संवाद, पटकथा, कहानियों का नाट्यरूपान्तरण, तथा म्यूजिक पिट के माध्यम से लाइव म्यूजिक, मंच पर लाईट , साजसज्जा आदि की जानकारी के सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक अभ्यास को शिविर के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है. संभागीय बालभवन द्वारा नगर की विभिन्न नाट्य संस्थाओं एवं वरिष्ट रंगकर्मियों को भी शिविर में आमंत्रित किया जा रहा है. *शिविर में नाटकों प्रहसनों नुक्कड़ नाटकों की स्क्रिप्टिंग कथाओं के रूपांतरण एवम गीत लेखन के लिए स्वयम संचालक बालभवन के साथ डा संध्या जैन , श्री इरफ़ान झांस्वी, लाइट साउंड एवम मंच प्रबंधन का प्रशिक्षण श्री दविंदर सिंह ग्रोवर, श्री रविंद्र मुरहार, संगीत डॉक्टर शिप्रा सुल्लेरे, मुस्कान सोनी साक्षी गुप्ता 
शिविर की कार्यकारी संचालक कुमारी मनीषा तिवारी ने बताया कि- वर्ष2016- 17 में संभागीय बालभवन जबलपुर द्वारा *लौट आओ गौरैया (08 प्रस्तुतियां), बॉबी (07 प्रस्तुतियां ), तथा मिला तेज से तेज़ (06 प्रस्तुतियां )जैसे नाटकों का निर्माण एवं प्रस्तुति दी* जिनके अब तक एक दर्जन से अधिक शो भोपाल जबलपुर सिहोरा आदि स्थानों पर हो चुके हैं । 
बाल नाटकों से बच्चों के व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास संभावना को देखते हुए इस वर्ष ग्रीष्मावकाश में विशेष रूप से एक पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है. जिसके अनुसार प्रतिभागी बच्चों को प्रशिक्षित किया जावेगा . प्रशिक्षण उपरांत बच्चों के द्वारा चुनी कहानी पर एक नाटक तैयार कराया जावेगा . शिविर से लगातार 3 दिन अनुपस्थित रहने पर प्रतिभागिता समाप्त कर दी जावेगी.



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