संदेश

“शारदे माँ शारदे मन को नवल विश्वास दे के अनुगायन के साथ बालभवन में सरस्वतिपूजन संपन्न"

चित्र
सम्पूर्ण कलाओं की अधिष्ठात्री एवं ज्ञानदेवी माँ सरस्वती का पूजन आज बालभवन परिसर में बच्चों एवं शिक्षकों द्वारा पूर्ण आस्था एवं श्रद्धा के साथ संपन्न की . इस अवसर पर स्टाफ एवं बच्चों के साथ कार्यक्रम की मुख्यअतिथि श्रीमति मनीषा लुम्बा एवं विशिष्ठ  अतिथि श्रीमती सुलभा बिल्लोरे, सुश्री शिप्रा सुल्लेरे, श्रीमती रेणु पांडे, श्री इंद्र पांडे, श्री सोमनाथ सोनी, श्री देवेन्द्र यादव, श्री टी.आर. डेहरिया, सहित संचालक  ने वाद्ययंत्रों की पूजन की . बालभवन के बालकलाकार मास्टर अभय सौंधिया  द्वारा निर्मित मिट्टी  से बनाई  सरस्वती प्रतिमा एवं कुमारी सुनीता केवट द्वारा माँ सरस्वती का चित्र पूजन   के साथ साथ मास्टर अक्षय ठाकुर, सेजल तपा, मुस्कान सोनी, इशिता तिवारी, साक्षी गुप्ता , शालिनी अहिरवार, आयुष रजक शैवलिन द्विवेदी, प्रिया सौंधिया, आदि ने सरस्वती वन्दना, आध्यात्मिक सुगम संगीत, एवं सर्वधर्म समभाव पर केन्द्रित गीत प्रस्तुत किये . लिंक  यहाँ  " मिसफिट पर " दिव्य   चिंतन   नीर   अविरल    गति    विनोदित    देह    की  ! छब   तुम्हारी   शारदे   मां    सहज सरिता      नेह   की  !! घ

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह जी से राष्ट्रीय बालश्री सम्मान प्राप्त बाल-प्रतिभाओं ने की मुलाक़ात :

चित्र
  प्रदेश के इतिहास में ये पहला अवसर था की राष्ट्रीय स्तर के 9  बालश्री सम्मान प्रदेश के झोली में आए । जिसमे मास्टर निनाद अधिकारी (जवाहर बालभवन ,   भोपाल संतूर ,) कुमारी हिबा खान (जवाहर बालभवन ,   भोपाल , कला) कुमारी कृति मालवीय (जवाहर बालभवन ,   भोपाल लेखन , ) मास्टर तनय तलैया (साइंस , संभागीय बालभवन उज्जैन) कुमारी प्रियंका पाटकर ( लेखन , संभागीय बालभवन ग्वालियर,  ) शुभमराज अहिरवार , ( कला , संभागीय बालभवन जबलपुर) , कुमारी चंद्रिका अग्रवाल (कला- संभागीय बालभवन सागर , ), कुमारी रूचि तिवारी (कला- अभिनव बालभवन भोपाल ,), तथा मास्टर ईशान शुक्ला ( लेखन-  अभिनव बालभवन भोपाल)   के क्षेत्र में प्राप्त हुए हैं . देश के 63 बालश्री सम्मान हेतु चयन प्रक्रिया चयनित किया जिसमें  मध्य-प्रदेश इन 09 बच्चों का चयन हुआ.  राष्ट्रीय बालभवन , के तत्वावधान में विज्ञान-भवन में गत 3 फरवरी 2016 को  मान.  मानव संसाधन विकास मंत्री श्रीमती स्मृति जुबिन इरानी ने हर बच्चे को 15-15  हज़ार रूपए के किसान विकास पत्र , एक ट्राफी , पुस्तकें प्रदान कर सम्मानित किया .                                                

मास्टर शुभमराज अहिरवार नवाजे गए राष्ट्रीय बालश्री सम्मान 2013 से

चित्र
      संभागीय बालभवन जबलपुर में संचालित सतत रचनात्मक एवं सृजनात्मक गतिविधियों के चलते  संस्कारधानी को निरंतर मान-सम्मान एवं यश अर्जित करने के अवसर मिल रहे हैं  बाल भवन के विद्यार्थी मास्टर शुभमराज अहिरवार को राष्ट्रीय  बालश्री सम्मान 2013 के लिए नई-दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में मानव संसाधन विकास मंत्री श्रीमति स्मृति जुबिन ईरानी ने दिनांक 3/2/2016 को अलंकृत किया. समारोह में कला-साहित्य-संगीत- नृत्य की  62 बाल प्रतिभाओं को देश के प्रतिभावान बच्चों को दिए जाने वाले सर्वोच्च  “बालश्री सम्मान” दिया गया है . प्रदेश के जवाहर बालभवन से 5 तथा संभागीय बालभवनों क्रमश: जबलपुर, उज्जैन, इंदौर से एक एक प्रतिभाशाली बच्चों सहित आठ बच्चे  सम्मानित हुए.   प्रदेश की महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती माया सिंह , प्रमुख सचिव श्री जे एन कन्सौटिया  आयुक्त एवं विशेष कर्ताव्यस्थ अधिकारी  महिला सशक्तिकरण श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव , राज्य स्तरीय बालभवन की निदेशक श्रीमती तृप्ति मिश्रा , संयुक्त-संचालक द्वय श्री उमाशंकर नगाइच एवं सुश्री  सीमा शर्मा  संभागीय  उपसंचालक गण श्रीमति मनीष

Union HRD Minister Smt Smriti Zubin Irani conferred the National level Bal Shree Awards

चित्र
The Union HRD Minister Smt Smriti Zubin Irani conferred the National level Bal Shree Awards 2013, on 62 talented children at New Delhi today. While speaking on the occasion, she called upon National Bal Bhawan to treat Swachchata (cleanliness) as a festival. Appreciating the soulful rendering of a song ‘yeh Bharat Desh Hai mera...’ by a special child and Bal Shree awardees, she added that the festival of Swachchata could be celebrated through the respective district level Bal Bhawans by organising groups of children to visit villages around their Bal Bhawans to spread the message of cleanliness through their performances in the form of art and dance.    She was of the view that with the help of such children India can begin a new chapter and a new chain in its culture and tradition. She further suggested that the contributions of the ‘Gurus’ of the talented children in the area of performing art need recognition. In this context, she also said that a meeting of ‘Gur

जबलपुर जिले में महिला बाल विकास की झांकी को मिला पहला स्थान

चित्र
दिनांक 26 जनवरी 2016 को माननीय पंचायत   एवं   ग्रामीण   विकास   मंत्री   श्री गोपाल भार्गव के आतिथ्य में 67 वें गणतंत्र-दिवस समारोह का आयोजन हुआ.              बेटियाँ मातृशक्ति का प्रतीक हैं  भारतीय संस्कृति का गौरवगान हैं । इसी भावभूमि पर आधारित प्रदर्शनों के साथ महिला-बाल विकास विभाग के  महिला सशक्तिकरण, एवं बाल विकास सेवा विंग  67वें गणतंत्र-दिवस समारोह में शामिल हुए.     परेड में शामिल  22 सदस्यीय शौर्या दल  की कमान श्री योगेश नेमा के हाथ थी .           “बेटियाँ : नए क्षितिज की ओर” थीम पर आधारित महिला बाल विकास की झांकी पांच भागों में विभक्त थी ।  भाग एक :- घुड़सवार बेटियाँ झांकी की अगुवाई करते हुए महिला बाल विकास की इस झांकी में बेटियों द्वारा पिछले दशकों में प्राप्त सकारात्मक बदलाव एवं उपलब्धियों को चित्रित किया है ।          प्रदेश सरकार न केवल पालने से पालकी तक बेटियों के बारे में संकल्पित है वरन बेटियों की क्षमताओं , योग्यताओं के संवर्धन में आगे बढ़कर सफल एवं कारगर कोशिश की है ।  भाग दो :-   “ नए क्षितिज की ओर ...!” शीर्षक वाक्य बेटियों को सामर्

लाडो अभियान से बाल विवाह में 30 प्रतिशत की गिरावट

चित्र
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में कुपोषण के कलंक को मिटाने का व्यापक अभियान समाज के सहयोग से चलाया जायेगा। साथ ही बेटी बचाओ अभियान को नये स्वरूप में जन-आंदोलन बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि माँ-बहनों और बेटियों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिये आँगनबाड़ी केन्द्रों में सेनेटरी नेपकिन उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने इस संबंध में कार्य-योजना तैयार करने के लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया। श्री चौहान ने महिला सशक्तीकरण के प्रयासों की सराहना करते हुए विभाग को बधाई दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान महिला-बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। इस मौके पर विभागीय मंत्री श्रीमती माया सिंह , प्रमुख सचिव श्री जे.एन. कंसोटिया , प्रमुख सचिव वित्त श्री आशीष उपाध्याय , सचिव मुख्यमंत्री श्री विवेक अग्रवाल , आयुक्त महिला सशक्तिकरण श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव , आयुक्त एकीकृत बाल विकास सेवा श्रीमती पुष्पलता सिंह एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। शिशु लिंगानुपात में वृद्धि और बाल विवाह में गिरावट मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए

राष्ट्रीय बाल-श्री सम्मान के लिए चयनित मास्टर शुभमराज अहिरवार दिल्ली रवाना

चित्र
बालभवन जबलपुर से वर्ष 2013 के लिए राष्ट्रीय बाल-श्री सम्मान के लिए चयनित मास्टर शुभमराज अहिरवार आज दिल्ली के लिए रवाना हुए जहां  को आज बालभवन से अलंकरण प्राप्ति के लिए बिदा किया ।   20 अगस्त 1997 को जन्मे शुभम के पिता श्री जगदीश राज अहिरवार पेशे से सब्जी व्यापारी हैं . 2007 में बाल भवन में बेटे को उसकी रूचि देखते हुए संभागीय बाल भवन में प्रवेश दिलाया । रोज़ कमाने वाले जगदीश बच्चों के भविष्य को लेकर बेहद संवेदित हैं . बच्चों को घरेलू आर्थिक परेशानियों से अप्रभावित रखने वाली शुभमराज माताजी श्रीमती कोमल का सपना है –“ बच्चे के सारे सपने पूरे हों.... ! ” तीन भाईयों में शुभम सबसे बड़े बेटे शुभम जिसका रुझान बचपन से ही चित्रकारी में है जबकि अन्य छोटे भाई खेल और पढ़ाई में रुचि रखते हैं । शुभम का चित्रकला के प्रशिक्षण का सपना बाल-भवन ने पूरा किया । उसका मानना है हमें खुद के विकास के लिए अच्छे अवसर एवं अच्छे स्थान की तलाश करनी चाहिए मुझे बालभवन जबलपुर में आकर अपने सपने पूरा करने का मौका मिला मैं रोमांचित हूँ । अपनी सफलता का श्रेय माता पिता एवं बालभवन को देते हुए शुभमराज ने कहा की- “ बाल-भवन